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समस्तीपुर मंडल के यांत्रिकी विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में दर्ज की अद्वितीय उपलब्धियां
- Reporter 12
- 06 Apr, 2026
समस्तीपुर मंडल के यांत्रिकी विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में कोच डिटैचमेंट और रखरखाव में सुधार, स्क्रैप निस्तारण में रिकॉर्ड, और रेल मदद प्रदर्शन में उत्कृष्टता हासिल की।
समस्तीपुर मंडल के यांत्रिकी विभाग (कैरेज एवं वैगन) ने वित्त वर्ष 2025-26 में एक बार फिर भारतीय रेलवे में अपनी दक्षता और प्रबंधन क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है। विभाग ने परिचालन, रखरखाव, संसाधन प्रबंधन और यात्री सेवा में सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। इस वर्ष की उपलब्धियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि मंडल ने संचालन क्षमता, नवाचार और लागत प्रबंधन में निरंतरता बनाए रखी है।
अनियोजित कोच डिटैचमेंट में सुधार
विभाग ने अनियोजित कोच डिटैचमेंट में उल्लेखनीय कमी हासिल की है। पहले यह आंकड़ा प्रति 100 कोच होल्डिंग में 144 था, जिसे 103 तक घटाया गया। सेकेंडरी कोच डिटैचमेंट में भी 54 से घटाकर 45 का आंकड़ा प्राप्त हुआ। इस सुधार का सीधा प्रभाव ट्रेन संचालन की विश्वसनीयता और समयपालन पर पड़ा, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवा और नियमितता का अनुभव हुआ।
इसी प्रकार, कोचों की अकार्यकुशलता (Ineffectiveness) में भी कमी दर्ज की गई। एसी कोचों में यह 4.41 से घटकर 4.05 और नॉन-एसी कोचों में 2.24 से घटकर 1.76 हो गई, जो स्पष्ट रूप से रखरखाव की गुणवत्ता और टीम के दक्ष प्रबंधन को दर्शाता है।
स्क्रैप निस्तारण और संसाधन प्रबंधन में रिकॉर्ड
विभाग ने स्क्रैप निस्तारण में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। फेरस स्क्रैप 44.67 मीट्रिक टन से बढ़कर 101.65 मीट्रिक टन, जबकि नॉन-फेरस स्क्रैप 2.15 से बढ़कर 5.94 मीट्रिक टन किया गया। इस निस्तारण ने न केवल विभागीय राजस्व में वृद्धि की, बल्कि संसाधनों के कुशल उपयोग और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी प्रदर्शित किया।
कोच होल्डिंग और संचालन क्षमता में वृद्धि
पिछले तीन वर्षों में प्राथमिक कोच होल्डिंग में निरंतर वृद्धि देखी गई। 1084 से बढ़कर यह संख्या 1481 तक पहुंची। यह वृद्धि मंडल की क्षमता विस्तार और संचालन दक्षता का संकेत है। इसके साथ ही 1191 TODs (Train On Demand) और 174 खाली कोचिंग रेक्स का सफलतापूर्वक मेंटेनेंस किया गया। नेपाल के IDBR में 104 BLC रेक्स का फ्रेट परीक्षण भी विभाग ने पूरा किया। यह संकेत है कि समस्तीपुर मंडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने में सक्षम है।
रेल मदद (Rail Madad) में उत्कृष्टता
यात्री शिकायत निवारण और रेल मदद के क्षेत्र में भी समस्तीपुर मंडल ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। शिकायतों के निस्तारण समय 32 मिनट और लंबित समय 17 मिनट में पूरा किया गया। कुल 23,398 शिकायतों में से 14,028 फीडबैक प्राप्त हुए। इसमें 9306 उत्कृष्ट और 3605 संतोषजनक फीडबैक शामिल हैं। केवल 7.96% फीडबैक असंतोषजनक रही। इस प्रदर्शन के चलते मंडल को पूर्व-मध्य रेल में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर इसकी रैंक 10वीं रही, जो पिछले वर्ष की 15वीं रैंक से बेहतर है।
यात्रियों की संतुष्टि और फीडबैक सिस्टम में सुधार ने यह स्पष्ट किया कि विभाग ने न केवल तकनीकी और यांत्रिकी कार्यों में दक्षता दिखाई बल्कि यात्रियों के अनुभव को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
नवाचार और लागत बचत उपाय
विभाग ने इन-हाउस उपकरण विकास, कोच मॉडिफिकेशन, वाटरिंग सिस्टम सुधार, फायर एक्सटिंगुइशर टेस्टिंग आदि में कई नवाचार किए। इन पहलों से लगभग 70 लाख रुपये की अनुमानित लागत बचत हुई। इन नवाचारों ने न केवल खर्च कम किया बल्कि कार्यक्षमता और सुरक्षा को भी बढ़ाया। विभाग ने प्रत्येक कोच और संसाधन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया, जिससे परिचालन लागत में कटौती और रखरखाव गुणवत्ता में सुधार हुआ।
यात्री सेवा और सुरक्षा में सुधार
यांत्रिकी विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि हर कोच की समय पर मरम्मत, सुरक्षा मानक और यात्री सुविधा पर कोई समझौता न हो। एसी और नॉन-एसी दोनों प्रकार के कोचों में रखरखाव गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया गया। यात्रियों के लिए कोच की स्थिति, सफाई और उपकरणों की कार्यक्षमता पर नियमित निगरानी रखी गई। Rail Madad के जरिए यात्रियों की शिकायतों का शीघ्र निवारण सुनिश्चित किया गया।
संचालन दक्षता और प्रशिक्षण
समस्तीपुर मंडल ने अपने कर्मचारियों और तकनीकी टीम के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया। रखरखाव प्रक्रिया, सुरक्षा नियम, और आपातकालीन प्रबंधन के लिए नियमित कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। इस प्रशिक्षण ने कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाई और विभागीय कार्यों में त्रुटियों की संभावना कम की।
पर्यावरणीय जिम्मेदारी
स्क्रैप निस्तारण और संसाधन प्रबंधन में सुधार ने यह स्पष्ट किया कि मंडल पर्यावरणीय जिम्मेदारी का भी ध्यान रख रहा है। बेकार या पुरानी सामग्री का सही निस्तारण किया गया और पुनर्चक्रण के जरिए आर्थिक मूल्य प्राप्त किया गया। यह कदम न केवल विभाग की दक्षता को दर्शाता है बल्कि सार्वजनिक और पर्यावरण हित में भी अहम है।
समग्र निष्कर्ष
वित्त वर्ष 2025-26 में समस्तीपुर मंडल का यांत्रिकी (कैरेज एवं वैगन) विभाग संचालन, रखरखाव, नवाचार और यात्री सेवा के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय रेलवे में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रहा। अनियोजित कोच डिटैचमेंट में कमी, कोच की अकार्यकुशलता में सुधार, स्क्रैप निस्तारण में रिकॉर्ड वृद्धि, और रेल मदद प्रदर्शन में उत्कृष्टता ने यह साबित किया कि विभाग ने अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण निष्ठा और दक्षता के साथ निभाया है।
इस वर्ष की उपलब्धियों ने यह भी स्पष्ट किया कि समस्तीपुर मंडल न केवल अपने संसाधनों का कुशलतम उपयोग कर रहा है बल्कि यात्रियों की संतुष्टि और सुरक्षा के क्षेत्र में भी सर्वोच्च मानक स्थापित कर रहा है। नवाचार और लागत बचत की पहलों ने विभाग की प्रबंधन क्षमता और व्यावसायिक दक्षता को और सुदृढ़ किया।
समस्तीपुर मंडल का यह प्रदर्शन अन्य मंडलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। यह साबित करता है कि निरंतर सुधार, आधुनिक तकनीक, कुशल मानव संसाधन और यात्रियों पर ध्यान केंद्रित करने से रेलवे विभाग देश में उत्कृष्टता का मानक स्थापित कर सकता है।
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